
India China: पूर्वी लद्दाख सेक्टर में डेमचोक और देपसांग में दो बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिक पीछे हट रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौतों के अनुसार, भारतीय सैनिकों ने संबंधित क्षेत्रों में लगे उपकरणों को हटाना शुरू कर दिया है।
India China: डेमचोक और देपसांग से भारतीय सेना ने उपकरण हटाए
प्राइम डेली डेस्क
India China: भारत और चीन के बीच हुए समझौते के तहत दोनों सेनाओं ने पीछे हटना शुरू कर दिया है। पूर्वी लद्दाख सेक्टर में डेमचोक और देपसांग में दो बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिक पीछे हट रहे हैं।
दोनों पक्षों के बीच हुए समझौतों के अनुसार, भारतीय सैनिकों ने संबंधित क्षेत्रों में लगे उपकरणों को हटाना शुरू कर दिया है। ईस्टर्न लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच डिसइंगेजमेंट शुरू हो गया है।
रोज हो रही स्थानीय कमांडर स्तर पर मीटिंग
सूत्रों के मुताबिक देपसांग और डेमचॉक में स्थानीय कमांडर स्तर की मीटिंग मंगलवार से शुरू हुई। बुधवार को डेमचॉक में दोनों तरफ से एक एक टेंट हटाया गया। गुरुवार को कुछ टेंपरेरी स्ट्रक्चर भी तोड़े गए हैं। सूत्रों के मुताबिक ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद देपसांग और डेमचॉक में अगले 4-5 दिनों में पेट्रोलिंग शुरू होने की उम्मीद है।
भारत और चीन के बीच बनी सहमति को लागू करने के लिए देपसांग और डेमचॉक में 22 अक्टूबर यानी मंगलवार से स्थानीय मिलिट्री कमांडर्स स्तर की मीटिंग शुरू हुई है। जिसमें लिए फैसले के मुताबिक बुधवार को इसमें एक्शन शुरू हो गया। जो लगातार जारी है।
डेमचॉक में ये हुआ है
डेमचॉक में चार्डिंग नाले के एक तरफ भारतीय सैनिक थे और दूसरी तरफ चीनी सैनिक। लेकिन चीनी सैनिकों ने चार्डिंग नाले के पश्चिम की तरफ यानी भारत की तरफ भी टेंट बना लिए थे। अब चीन ये टेंट हटा रहा है। भारतीय सैनिक चार्डिंग नाले के पश्चिम की तरफ पीछे की ओर जा रहे हैं और चीनी सैनिक नाले के दूसरी तरफ यानी पूरब की तरफ वापस जा रहे हैं। बुधवार को यहां से दोनों तरफ से एक एक टेंट हटा और गुरुवार को भी कुछ टेंट हटे हैं।
ये टेंट 2018 में बने थे। साथ ही 2020 में भी नए टेंट बने। यहां दोनों तरफ से पत्थर के टेंपरेरी स्ट्रक्चर भी बने हैं, जिन्हें हटाने का काम भी शुरू हो गया है। दोनों तरफ से करीब 10-12 टेंपरेरी स्ट्रक्चर बने हैं। सूत्रों के मुताबिक डेमचॉक में दोनों तरफ से करीब 12-12 टेंट लगे हैं। टेंट को हटाने में 20-25 मिनट का वक्त लगता है लेकिन टेंपरेरी स्ट्रक्चर को तोडने में ज्यादा वक्त लगता है।
देपसांग में क्या हुआ?
देपसांग में चीनी सेना के टेंट नहीं हैं लेकिन उन्होंने गाड़ियों के बीच में तिरपाल लगाकर टेंपरेरी शेल्टर बनाए हैं। गुरुवार को यहां से भी चीनी सैनिकों ने अपनी कुछ गाड़ियां कम की हैं। यहां भारतीय सैनिक भी डटे हुए थे।
भारतीय सेना ने भी कुछ सैनिकों की संख्या गुरुवार को यहां से कम की। जैसे जैसे डिसइंगेजमेंट हो रहा है वैसे वैसे पेट्रोलिंग शुरू होने के चांस बढ़ रहे हैं। डिसइंगेजमेंट पूरा होने के बाद फिर पेट्रोलिंग शुरू की जाएगी।







